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आवा अब ऐ बी जावा


आवा अब ऐ बी जावा

तुम्न बी देकी छे देकी मस्ती मेर पहाड़े की
ईं सुप्न्यु का दिस बित जाणा पैल आवा अब ऐ बी जावा

मि त सदनी भटक दी रुंदू ईं डंडी कंठी मा
तुम बी अपरी तिस कु ऐणा दिखाण कुन आवा अब ऐ बी जावा

देक तुमरा जाणा बाद कै पीड़ा सैयां छन हमुन
देक आस कु ज्योत जगौण बाण आवा अब ऐ बी जावा

नि ऐना कुन तुमन यख कै भाना कियां तुमुन हम दगडी
अब कै दीण ना ऐना का भाना बोळी कि आवा अब ऐ बी जावा

तुम्न बी देकी छे देकी मस्ती मेर पहाड़े की
ईं सुप्न्यु का दिस बित जाणा पैल आवा अब ऐ बी जावा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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